चतुर्मास के बाद मांगलिक कार्यक्रम के योग

चतुर्मास के बाद मांगलिक कार्यक्रम के योग     चार माह के लंबे अंतराल के बाद २० नवंबर २०२२ से पुनः मांगलिक एवं वैवाहिक कार्यक्रम का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार शुक्र तारा के अस्त हो जाने के कारण वैवाहिक जैसे अन्य मांगलिक कार्यक्रम देर से शुरू हुए, Read more…

मकर संक्रांति भारतीय राज्य के साथ देश विदेश में ? makarsakranti bhartiya rajyo ke sath desh videsh me / Makar Sankranti Wishes 2022

मकरसंक्रांति एक महान पर्व जो अंधकार से प्रकाश की और जाने का द्योतक है। यह देवताओं के लिए भी शुभ काल माना जाता है। यहीं से दिन बड़ा और रातें छोटी होने लगती हैं। जिसके परिणाम स्वरुप सारे प्राणी जगत की चेतना और शारीरिक क्षमता का भी विस्तार होता है। Read more…

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त ,क्या दान एवं उपाय करें और क्या न करें ?

मकर संक्रांति का पर्व 14  जनवरी को मनाने की मान्यता रही है। पुण्य काल का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी 2022 को सुबह 07:15 मिनट से शुरू होकर शाम को 05:44  मिनट तक रहेगा। इस साल तिथि को लेकर भेद है। १४ और १५ जनवरी दोनों दिन पुण्यकाल का योग बन Read more…

18 मई तक उत्तराखंड के चारो धाम खुल जाएंगे; Chardham Yatra

सभी श्रद्धालु ध्यान दें ! 18 मई तक उत्तराखंड के चारो धाम खुल जाएंगे 1 : अगर आपको ट्रेन या फ्लाइट बुक करनी है तो आप यह तिथियां ध्यान में रखकर अपनी बुकिंग कर सकते हैं . 2 : जुलाई और अगस्त उत्तराखंड में बारिश का मौसम रहता है . Read more…

गुरु की महिमा, Importance of Guru

गुरु की महिमा शास्त्रों में गु का अर्थ बताया गया है- अंधकार या मूल अज्ञान और रु का का अर्थ किया गया है- उसका निरोधक। गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है कि वह अज्ञान तिमिर का ज्ञानांजन-शलाका से निवारण कर देता है। अर्थात दो अक्षरों से मिलकर बने ‘गुरु’ Read more…

आदित्य ह्रदय स्तोत्र, Aaditya Hrudaya strotra

( आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करने से पहले एक बार निम्नलिखित विनियोग और न्यास आदि का पाठ किया जाए तो अच्छा रहता है लेकिन इसे करना अति आवश्यक नहीं है । ) विनियोग ॐ अस्य आदित्य हृदयस्तोत्रस्यागस्त्यऋषिरनुष्टुपछन्दः, आदित्येहृदयभूतो भगवान ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतया ब्रह्मविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः। ऋष्यादिन्यास ॐ Read more…

9 ग्रहों के 9 बीज मंत्र, 9 तरह के दान,  सूर्य/रवि, चंद्र/ सोम, मंगल/भौम, बुध, गुरु/बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु , केतु

9 ग्रहों के 9 बीज मंत्र, 9 तरह के दान,  सूर्य/रवि   सूर्य तांत्रिक मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:। एकाक्षरी बीज मंत्र- ॐ घृणि: सूर्याय नम: जप संख्या- 7000। दान- माणिक्य, गेहूं, धेनु, कमल, गुड़, ताम्र, लाल कपड़े, लाल पुष्प, सुवर्ण। चंद्र/ सोम सूर्य तांत्रिक मंत्र- ‘ॐ श्रां Read more…

Samaleswari Temple

Samaleswari Temple Shree Shree Samaleswari, the presiding deity of Sambalpur, is a strong religious force in western part of Orissa and Chhattisgarh state of India. On the bank of the river Mahanadi the mother goddess Samaleswari is worshipped from ancient times as Jagatjanani, Adishakti, Mahalaxmi and Mahasaraswati. The region in Read more…

Kamakhya Temple

The Kamakhya Temple, which is situated high aloft a hill called Neelachal Parbat or Kamagiri in the city of Guwahati is one of its several religious landmarks, which speaks volumes about the rich historical treasure over which the state of Assam is seated. This sacred temple in the heart of Read more…

Narmada Ashtakam; नर्मदा अष्टकम्

नर्मदाष्टकम् सबिन्दुसिन्धुसुस्खलत्तरंगभंगरञ्जितम्द्विषत्सु पापजातजातकारिवारिसंयुतं ।कृतान्तदूतकालभूतभीतिहारिवर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥ १॥ त्वदंबुलीनदीनमीनदिव्यसंप्रदायकंकलौमलौघभारहारिसर्वतीर्थनायकम्।सुमच्छकच्छनक्रचक्रवाकचक्रशर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥२॥ महागभीरनीरपूरपातधूतभूतलंध्वनत्समस्तपातकारिदारितापदाचलम्।जगल्लये महाभये मृकण्डुसूनुहर्म्यदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥३॥ गतं तदैव मे भयं त्वदंबु वीक्षितं यदामृकण्डुसूनुशौनकासुरारिसेवितं सदा ।पुनर्भवाब्धिजन्मजं भवाब्धिदुःखवर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥४॥ अलक्ष्यलक्षकिन्नरामरासुरादिपूजितंसुलक्षनीरतीरधीरपक्षिलक्षकूजितम्।वसिष्ठशिष्टपिप्पलादिकर्दमादि शर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥५॥ सनत्कुमारनाचिकेतकश्यपात्रिषट्पदैर्धृतं स्वकीयमानसेषु नारदादिषट्पदैः।रवीन्दुरन्तिदेवदेवराजकर्मशर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥६॥ अलक्षलक्षलक्षपापलक्षसारसायुधंततस्तु जीवजन्तुतन्तुभुक्तिमुक्तिदायकं।विरिञ्चिविष्णुशंकरस्वकीयधामवर्मदेत्वदीयपादपङ्कजं Read more…