राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त Maithili Sharan Gupt

नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करोजग में रह कर कुछ नाम करोयह जन्म हुआ किस अर्थ अहोसमझो जिसमें यह व्यर्थ न होकुछ तो उपयुक्त करो तन कोनर हो, न निराश करो मन को। संभलो कि सुयोग न जाय चलाकब व्यर्थ हुआ सदुपाय भलासमझो Read more…